रांची | 24 अक्टूबर 2026
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) की प्रक्रिया को गति देने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नो-मैपिंग, लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी और अन्य श्रेणियों के मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के साथ-साथ फॉर्म-6, 7 और 8 के डिजिटाइजेशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक मामले की नियमानुसार जांच और सत्यापन किया जाए। किसी भी मामले में केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए कार्रवाई न हो, बल्कि उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए।
26 अक्टूबर की बैठक से पहले कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
समीक्षा बैठक में के. रवि कुमार ने अधिकारियों को सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि 26 अक्टूबर 2026 को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठक में SIR-2026 की अद्यतन प्रगति साझा की जाएगी।
इसे ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन और ECINET पोर्टल पर प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, ताकि राजनीतिक दलों के समक्ष सही और अद्यतन आंकड़े प्रस्तुत किए जा सकें।
फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन पर विशेष जोर
फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन की समीक्षा करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और बूथ लेवल सुपरवाइजरों के कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने जिलावार फॉर्म-6 के 8 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के लक्ष्य की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिन मतदान केंद्रों पर डिजिटाइजेशन की गति धीमी है, वहां विशेष ध्यान देने और संबंधित कर्मियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष कैंप
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से विशेष कैंप आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अभियान चलाने का निर्देश दिया, जहां जनजातीय समुदायों की आबादी अधिक है।
इन कैंपों के दौरान लोगों को आवेदन भरने, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करने और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने में सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया। सरकारी अभिलेखों में उपलब्ध विवरण के आधार पर सत्यापन करते हुए पात्र लोगों को जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने में भी सहयोग दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, होम-टू-रोल सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों को भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया, ताकि मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा सके।
सुनवाई में सामूहिक आदेश नहीं, प्रत्येक मामले की अलग जांच
बैठक में के. रवि कुमार ने सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का समुचित निरीक्षण और परीक्षण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार जांच एवं सत्यापन के बाद ही उचित निर्णय लिया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच किए सामूहिक रूप से आदेश पारित नहीं किए जाएं। सुनवाई और रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की खानापूर्ति स्वीकार्य नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप अंतिम आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया।
कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाता सूची को समावेशी, व्यापक और त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
इसके लिए दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जनजातीय समुदायों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों, बेघर लोगों तथा सामाजिक या भौगोलिक रूप से वंचित समूहों तक सक्रिय रूप से पहुंच बनाने का निर्देश दिया गया। इन समूहों को पंजीकरण, विवरणों में सुधार और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
साथ ही, मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक नाम की पात्रता का सत्यापन निर्वाचन कानूनों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाएगा। के. रवि कुमार ने निष्पक्षता, पारदर्शिता और दस्तावेज-आधारित जांच सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि नियमानुसार पात्रता पूरी नहीं करने वाले किसी व्यक्ति या विदेशी नागरिक को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
निष्कर्ष: SIR-2026 की समीक्षा बैठक में झारखंड के निर्वाचन तंत्र को सुनवाई में तेजी लाने, डिजिटाइजेशन की प्रगति बढ़ाने और नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रत्येक मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमानुसार जांच को अनिवार्य बताया गया।

