GLOBAL AWAAZ मुख्य पृष्ठ पर लौटें
Top News

धनबाद में खटालों पर कार्रवाई का यादव महासभा ने किया विरोध, प्रशासन पर लगाया निशाना बनाने का आरोप

A
Ahmed Sana
Editor & Correspondent at Global Awaaz
07:38 am| 26 October 2026| 5 min read|
धनबाद में खटालों पर कार्रवाई का यादव महासभा ने किया विरोध, प्रशासन पर लगाया निशाना बनाने का आरोप

धनबाद: झारखंड के धनबाद में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत रांगाटांड़ ट्रैक्शन कॉलोनी से लेकर पांडरपाला तक खटालों और झोपड़ियों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। यादव महासभा ने कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि यादव समाज को निशाना बनाया जा रहा है। महासभा ने प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करने की मांग की है।

सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की तैयारी

धनबाद में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत रांगाटांड़ ट्रैक्शन कॉलोनी से पांडरपाला तक विभिन्न स्थानों पर स्थित खटालों और झोपड़ियों को चिह्नित किया गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना बताया जा रहा है।

हालांकि, इस अभियान के दायरे में आने वाले लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर चिंता बनी हुई है। खटालों और झोपड़ियों में रहने वाले या इनके माध्यम से आजीविका चलाने वाले लोगों के सामने भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यादव महासभा ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में यादव महासभा ने आपत्ति जताई है। महासभा का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर यादव समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने इस बात पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि कार्रवाई किसी जाति या समुदाय को आधार बनाकर नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार की जानी चाहिए।

महासभा ने प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्षता बरतने और सभी प्रभावित पक्षों के साथ समान व्यवहार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, तो इसके लिए एक समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए।

निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

इस विवाद के बीच सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावित लोगों की चिंताएं दोनों महत्वपूर्ण मुद्दे बन गए हैं। एक ओर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर यादव महासभा ने अभियान में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

फिलहाल, महासभा की ओर से लगाए गए भेदभाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई से जुड़े विस्तृत तथ्य सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

धनबाद में खटालों और झोपड़ियों को चिह्नित किए जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई पर नजर है। इस मामले में प्रशासन की ओर से निष्पक्षता और नियमों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, प्रभावित लोगों की समस्याओं और उनकी आजीविका से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के बीच यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक और स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।


"The convergence of information, technology, and global transparency represents the foundation of responsible journalism."

इस खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करें

व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर), फेसबुक या डायरेक्ट लिंक द्वारा साझा करें